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हिमाचल में सक्रिय होगा वेस्टर्न डिस्टरबेंस, 24 और 25 अक्टूबर को बारिश व बर्फबारी का अलर्ट

➤ हिमाचल में 24 और 25 अक्टूबर को बारिश और ऊंची चोटियों पर बर्फबारी के आसार

➤ वेस्टर्न डिस्टरबेंस की सक्रियता से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरेगा तापमान

➤ राज्य के 10 शहरों में रात का पारा 10 डिग्री से नीचे, सुबह-शाम बढ़ी ठिठुरन


हिमाचल प्रदेश में अगले दो दिन धूप खिलने के बाद मौसम के मिजाज में तीखा बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, राज्य में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) सक्रिय होने जा रहा है, जिसके प्रभाव से 24 और 25 अक्टूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होगी। इसके साथ ही लाहौल-स्पीति, चंबा और किन्नौर की ऊंची पर्वत श्रृंखलाओं पर ताजा बर्फबारी के पूरे आसार बने हुए हैं। चोटियों पर होने वाले इस हिमपात और निचले इलाकों में बादलों के बरसने से समूचे पहाड़ी राज्य में ठंड का प्रकोप और अधिक बढ़ जाएगा।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, मौसम में होने वाले इस बड़े उलटफेर के चलते अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे खासकर ऊंचाई और जनजातीय क्षेत्रों में दिन के समय भी लोगों को कड़ाके की ठंड और ठिठुरन का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि 26 अक्टूबर से मौसम एक बार फिर करवट लेगा और साफ हो जाएगा। 28 अक्टूबर तक प्रदेश भर में किसी भी प्रकार की बारिश या बर्फबारी का कोई अलर्ट नहीं है।

वर्तमान स्थिति की बात करें तो राज्य के कम से कम 10 प्रमुख शहरों में न्यूनतम तापमान पहले ही 10 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे पहुंच चुका है। प्रदेश का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग 1 डिग्री सेल्सियस कम चल रहा है, जिसके कारण अधिकांश शहरों में रात का पारा तेजी से लुढ़क रहा है और सुबह व शाम के वक्त कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। 24 और 25 अक्टूबर को संभावित बारिश-बर्फबारी के बाद इस पारे में और गिरावट दर्ज होगी, जिससे मैदानी इलाकों की ओर भी शीतलहर बढ़ने की संभावना है।

हैरानी की बात यह है कि प्रदेश में इस विंटर सीजन के दौरान अब तक सामान्य से 33 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। किन्नौर और सिरमौर जैसे जिलों को छोड़ दिया जाए, तो राज्य के लगभग सभी जिलों में सामान्य के मुकाबले कहीं ज्यादा बादल बरसे हैं। आंकड़ों के अनुसार, कांगड़ा जिले में सामान्य से 138 फीसदी, बिलासपुर में 85 फीसदी, सोलन में 60 फीसदी, हमीरपुर में 59 फीसदी, ऊना में 51 फीसदी, लाहौल-स्पीति में 31 फीसदी, कुल्लू में 30 फीसदी, चंबा में 28 फीसदी, शिमला में 27 फीसदी और मंडी में 10 फीसदी अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इसके उलट किन्नौर में 32 फीसदी और सिरमौर में 42 फीसदी कम बारिश हुई है।